ब्लाग बुंदेली झलक के‌ सौजन्य से

बुंदेली माटी के   गौरव , आदरणीय‌ जी• एस• रंजन जी ( बुंदेली झलक)  , मुम्बई में रहकर , ,बुंदेली लोक संस्कृति , भाषा- बोली , इतिहास और , ऐतिहासिक धरोहरो , बुंदेली प्रथाओं , त्योहारों , नए और पुराने बुंदेली साहित्यकारों को , अपने "बुंदेली झलक"  ब्लाग के माध्यम से सभी को परिचित कराते है , बुंदेलखंड के व हिंदुस्तान के विभिन्न क्षेत्रों के अनेक रुचिवान , व कला संस्कृति  साहित्यिक व्यक्तित्व उनसे जुड़े   हुए है , व अब तक अनेक ब्लागों में  , बुंदेलखंड की कला संस्कृति , ऐतिहासिक धरोहरो व साहित्यकारो पर  बहुत कुछ लिखकर अपने बुंदेली झलक ब्लाग से उन्हें देश विदेश में परिचित करा  चुके है , 
मैं कुछ खास अलग से नहीं हूँ , पर आदरणीय‌ रंजन जी‌ हमें भी  चुना व मेरे साहित्य को केन्द्र बनाकर , तीन ब्लाग पोस्टों में स्थान दिया है |मैं आदरणीय‌ रंजन जी का बहुत -बहुत आभार हृदय से  अभिव्यक्त करता है |

बुंदेली झलक ब्लाग की तीनों लिंकों को  पोस्ट में संलग्न कर हूँ ,आप. तीनों लिंके   पढकर , अपना शुभाशीष‌ प्रदान करें , व  बुंदेली झलक ब्लाग को फालों  करें , 
सादर

https://bundeliijhalak.com/subhash-singhai/
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

https://bundeliijhalak.com/subhash-singhai-ki-bundeli-rachnaye/
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

https://bundeliijhalak.com/subhash-singhai-ki-chhandvaddh-rachnaye/
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Comments

Popular posts from this blog

https://subhashsinghai.blogspot.com/बुक चित्र पर क्लिक करें || "आदिनाथ गाथा "( अञ्जनेय छंद में )16 मात्रा, 11 वर्ण एवं जैनागम के स्वर (विभिन्न सृजन )

https://subhashsinghai.blogspot.com/गौरव गढ़कुंडार (चित्र पर क्लिक करें ,दोहावली खुल जाएगी )

छंद महल , मनमोहन छंद विशेषांक माह फरवरी 2023 , अंक 22 ,_ बुक चित्र पर क्लिक करें